प्रेग्नेंसी के दौरान किस तरह से सोना चाहिए?

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एक महिला के लिए गर्भावस्था बेहद खास समय होता है। इस दौरन आपको अपने जीवन शैली पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है।आप कैसा आहार लेते हैं, कैसे अपना ख्याल रखते हैं, किस प्रकार का व्यायाम करती है इसका असर होनेवाले बच्चे पर होता है।गर्भावस्था के दौरान आप कितने बजे सोती हो, किस स्थिति में सोती हो इसके और ध्यान देना बहुत जरूरी होता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान सोना मुश्किल क्यों होता है?

प्रेग्नेंसी में महिलाओं के शरीर के साथ उनके पेल्विक रीजन का आकार भी बढ़ता जिससे उन्हें सोते समय असहज महसुस होता है।इसी समय शरीर में प्रोलैक्टिन नाम का हार्मोन बढ़ाने के करण स्तनों में दूध का निर्माण होने लगता है जिससे उन्हें स्तनों में भारिपन लगता है।काई बार ब्रीथ लेने में भी दिक्कत होती है।वही इस अवस्था में डॉक्टर पेट के बल ना सोने की सलाह देते हैं, इसे भ्रूण पर दबाब पड़ता है, ये बात बार बार दिमाग में चलती रहती है इसके कारण से भी गर्भवती को ठीक तरह से निंद नहीं आती।

प्रेग्नेंसी के दौरन कितनी नींद पर्याप्त है?

गर्भावस्था महिला को रात में 7-8 घंटे जरूर सोना चाहिए, और दिन में 2 घंटे लेटना चाहिए। गर्भ में बढ़ रहे बच्चे के विकास के लिए ये बहुत जरूरी है कि गर्भवती महिला की नींद पूरी हो।

क्या कम निंद गर्भ में शिशु को नुक्सान पहुचा सकता है?

अगर गर्भवती महिलाओं को नींद नहीं आती है तो बच्चे पर इसका असर पड़ता है।गर्भावस्था में भ्रूण को संपूर्ण पोषक तत्व की जरूरत होती है।बच्चा मां के जरिये ही ऑक्सीजन की पूर्ति करता है।अगर प्रेग्नेंसी में स्लीप पुरी ना हो तो प्लेसेंटा (placenta)तक ठीक तरह से ब्लड सप्लाई नहीं होता। इस वजह से बच्चे की ह्रदय की गति कम हो जाति है।

गर्भावस्था में कैसे सोना चाहिए?

पहिले तिमाही(first trimester)

पहली तिमाही आप पीठ के बल सो शक्ति है। इसके कारण आपको कोई परेशानी नहीं होगी, क्यों की इस दौरन शिशु का विकास अभी शुरू ही हुआ होता है। दाएँ या बाएँ और भी सो सकती है।

दुसरे तिमाही(second trimester)

दूसरे तिमाही में आप पीठ के बल नहीं सो सकती दूसरे समय में आप पीठ के बल नहीं सो सकती,इसके करण गर्भाशय पर दबाव पड़ सकता है। दूसरे समय से आपको बाई तरफ सोना सबसे सुरक्षित होता है क्यों की इसे ब्लड सप्लाई अच्छी तरह से होता है। अगर दाई तरफ सोना आपकी आदत है तो इसे आपके लिवर पर दबाब पड़ेगा जो बच्चे के लिए सुरक्षित नहीं होता इसीलिये कोशिश करे कि बाई तरफ सोया जाए।

तिसरे तिमाही (third trimester)

तीसरे  तिमाही में आपको बाई तरफ सोना बेस्ट पोजीशन है। आपको तीसरे समय से सोना थोड़ा अनकम्फर्टेबल हो सकता है ऐसे में आप कमर के पीछे ताकिया रखे तकी करवत लेकर सोने में मदद मिले। तीसरे समय में बच्चे का वजन काफी तेजी से बढ़ता है इस समय गर्भाशय केंद्र ना होके हल्का सा राइट साइड झुक जाता है। अब अगर प्रेग्नेंट महिला राइट साइड सोती है तो यूट्रस का प्रेशर एओर्टा (aorta) पर पड़ेगा .जिससे ब्लड सप्लाई पहले से कम होगा। इसीलिये आपको सलाह दी जाति है ज्यादा से ज्यादा लेफ्ट साइड सोया जाए।

गर्भावस्था के दौरान अच्छी और गहरी नींद के लिए टिप्स।

  • रात को सोने से पहले ज्यादा मिर्ची मसाले वाला खाना न खाए। सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खाना खाले। भोजन करने के बाद थोड़ा तेहलाने के लिए जाए।
  • सोने से पहले अपने हाथ, पैर, गर्दन और सिर की मालिश करवा ले। इसे मसल्स को तनाव कम होगा और आराम मिलेगा।
  • लंबी और गहरी सांस लेने से भी मासपेशियों को तनाव से राहत मिलती है और हृदय की गति सामान्य होती है जिससे नींद आने में समस्या नहीं होती।

आशा है कि ऊपर दी गई जानकरी प्रेग्नेंट महिलाओ के लिए मददगार होगी गर्भवती महिला के पर्याप्‍त नींद से ही भ्रूण का विकास बेहतर तारिके से होता है। इस लेख के लिए आपको इसका महत्व समझ आ गया होगा इस लेख को उन महिलाओं के साथ जरूर शेयर करें जो प्रेग्नेंट है।

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